हर्निया रोग क्या है – कारण, लक्षण, जांच और उपचार

बहुत सारे लोग यह जानना चाहते है की हर्निया रोग क्या है हर्निया एक बहुत ही गंभीर रोग माना जाता है जिसका की इलाज संभव है। यह स्त्रियों और पुरषो मे पाई जाने वाली एक आम समस्या है।हर्निया होने पर इसके कई प्रकार के लक्षण पाए जाते है। यह शरीर के किसी भी भाग में विकसित हो सकता है लेकिन ज्यादातर यह पेट के निचे के हिस्से में पाया जाता है।

हर्निया क्या होता है और हर्निया क्यों होता है

जब आंत या मूत्राशय, पेट की ऊतक दीवार और कमर क्षेत्र में धकेलता है तब वह हर्निया का रूप धारण करता है। हर्निया बहुत तीव्र दर्द पैदा करता है, जिस से कई बार खड़े होने मै भी कठिनाई होती है और लेटने पर ही आराम मिलता है। इस से ज्यादा दर्द तब होता है जब ये पेट के निचे के हिस्से मे या जाँघ के ऊपरी हिस्से मे हो। हर्निया का इलाज न करवाने से ये बहुत हानिकारक रूप धारण कर सकता है। परन्तु यह छोटे से ऑपरेशन या सर्जरी से ठीक किया जा सकता है। हमारे हस्पताल मे हर्निया का इलाज करने के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जाता है।

हर्निया कितने प्रकार का होता है

हर्निया शरीर के किसी भी भाग में उत्पन हो सकता है, जिस कारण यह कई प्रकार के होते है। लेकिन यह मुख्या रूप से पांच प्रकार के पाए जाते है। यह सभी प्रकार के हर्निया शरीर के अलग अलग हिस्सों में पाए जाते है।

1 हाइटल हर्निया

हाइटल हर्निया एक आम प्रकार का हर्निया है। इस में पेट का हिस्सा डायाफ्राम में छाती की और फैलता है जो की खायी हुई सामग्री गले या नाक के और रिफ्लक्स कर देता है, जिससे की सीने में जलन या गले में जलन महसूस होती है।। ऐसे में खाने में परेशानी हो सकती है या पेट में दर्द भी हो सकता है। हाइटल हर्निया होने का खतरा बड़ी आयु के लोगो में जयादा होता है।

2 इनगुइनल हर्निया

इनगुइनल हर्निया सबसे जयादा पाए जाने वाले हर्निया में गिना जाता है। इस में छोटी आंत और पेट की सामग्री पेट की दीवार के कमज़ोर हिस्से से बहार निकल जाता है। यह अधिकतर पुरुषो में पाया जाता है। इनगुइनल हर्निया में आमतौर पर दर्द नहीं होता बल्कि इसमें कमर में सूजन व् उलटी जैसे महसूस हो सकता hai। अधिकांशत यह जांघ के निकट पाया जाता है।

3 अम्बिलिकल हर्निया

अम्बिलिकल हर्निया ज्यादातर छोटे बच्चो या नवजात शिशुओं में पाया जाता है। हालांकि यह बड़ी उम्र में होना भी संभव है। यह नाभि पर होता है और यह खतरनाक नहीं माना जाता लेकिन अगर इसका इलाज जल्द न हो तो यह गंभीर हो सकता है।अम्बिलिकल हर्निया का अधिकांश रूप से कोई लक्षण नहीं होता लेकिन यह नाभि पर देखा जा सकता है।

4 इंसिजनल हर्निया

इंसिजनल हर्निया अधिकतर उन लोगो में पायी जाती है जिनकी पेट की सर्जरी पहले हो चुकी हो। यह सर्जरी दौरान चीरा लगने वाली जगह पर हो सकता है, जो की बहुत दर्दनाक भी हो सकती है। ऐसे में पीड़ित को तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

5 फेमोरल हर्निया

फेमोरल हर्निया कई बार बहुत दर्दनाक हो सकता है। यह ज्यादातर जांघ के पास होता है जिस कारन पीड़ित की कमर में सूजन और चलने में मुश्किल हो सकती है । यह स्त्रीओ में अधिकतर पाया जाता है। जल्द उपचार न होने से यह गंभीर भी हो सकता है ।

हर्निया के लक्षण | Hernia Symptoms in hindi

हर्निया के कई प्रकार के लक्षण पाए जाते है, महिलाओ में हर्निया के लक्षण अलग पाए जाते है और पुरुषो में अलग। निम्नलिखित है हर्निया के कुछ लक्षण

  • हर्निया में सबसे ज्यादा पाए जाने वाला लक्षण प्रभावित हिस्से का उभारना (buldge) होता है जो की कई बार बिना दर्द के होता है और कई बार दर्द के साथ भी हो सकता है।
  • बार बार उलटी होना।
  • खायी हुई सामग्री का गले और छाती में रिफ्लक्स होना।
  • मल-मूत्र करने में समस्या होना।
  • कमर या शरीर के अन्य भाग में सूजन होना।

यह कुछ आम हर्निया के लक्षण थे जो की महिलाओ और पुरुषो दोनों में पाए जाते है।

महिलाओं में हर्निया के लक्षण

हर्निया होने पर महिलाओं में हर्निया के लक्षण कई प्रकार के पाएं जाते है। आमतौर पर महिलाओं और पुरुषों में हर्निया के सामान्य लक्षण ही पाए जाते है, लेकिन कई मामलों में यह भिन भी हो सकते हैं।

  • गर्भवती स्त्री के बच्चे को जन्म देने के बाद दर्द होना हर्निया का लक्षण भी हो सकता है।
  • पेट में दर्द या गांठ पैदा होना।
  • उलटी होना या तनाव पैदा होना।
  • मल मूत्र त्याग करने में कठिनाई होना।
  • खांसने की समस्या या पेट की चर्बी बहार आना।

यह है महिलाओं में हर्निया के लक्षण अगर इन में से कोई भी लक्षण हो तो वह हर्निया हो सकता है।

हर्निया से नुकसान

हर्निया से होने वाले नुकसान कई प्रकार के हो सकते है जैसे की हर्निया में उठे वाला दर्द कई बार बहुत ज्यादा बढ़ जाता है
। हर्निया होने पर पीड़ित को काम करने में भी परेशानी हो सकती है इतना ही नहीं इसके चलते खान पैन और मल-मूत्र में भी कठिनाई हो सकती है।
हर्निया एक ऐसी बीमारी है जिसका की इलाज संभव है। लेकिन अगर आप इसको नज़रअंदाज़ करते रहे तो यह गंभीर रूप भी धारण कर सकती है और कई मामलो म तो यह भी पाया गया है की हर्निया जानलेवा भी साबित हई है।

हर्निया के स्टेज (Hernia Stages in Hindi)

हर्निया आमतौर पर अचानक गंभीर रूप में नहीं आता। यह एक ऐसी समस्या है जो धीरे-धीरे बढ़ती है और समय के साथ इसके लक्षण भी बदलते जाते हैं। शुरुआत में कई लोगों को यह मामूली परेशानी लगती है, लेकिन अगर इसे नज़रअंदाज़ किया जाए, तो आगे चलकर यह गंभीर स्थिति बन सकती है। इसलिए हर्निया के अलग-अलग स्टेज को समझना बहुत ज़रूरी है।

शुरुआती हर्निया कैसा दिखता है?

शुरुआती स्टेज में हर्निया अक्सर बहुत हल्के रूप में दिखाई देता है। कई बार मरीज को पता भी नहीं चलता कि यह हर्निया है।
इस स्टेज में आमतौर पर:
  • पेट, जांघ या नाभि के पास हल्का सा उभार दिखाई देता है
  • खड़े होने, खांसने या वजन उठाने पर सूजन साफ दिखती है
  • लेटने पर सूजन अपने आप अंदर चली जाती है
  • कभी-कभी हल्का खिंचाव या असहजता महसूस होती है
अक्सर लोग सोचते हैं कि यह कोई साधारण सूजन है और इसे नज़रअंदाज़ कर देते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि इस स्टेज में पहचान हो जाए, तो आगे की परेशानी से आसानी से बचा जा सकता है।

कब हर्निया बिगड़ने लगता है?

जब शुरुआती हर्निया का समय पर इलाज नहीं कराया जाता, तो धीरे-धीरे इसकी समस्या बढ़ने लगती है। इस स्टेज में मरीज को रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ज्यादा दिक्कत महसूस होने लगती है।
इस दौरान:
  • सूजन का आकार पहले से बड़ा होने लगता है
  • चलने-फिरने, झुकने या काम करने पर दर्द बढ़ जाता है
  • सूजन को अंदर करना मुश्किल हो जाता है
  • लंबे समय तक खड़े रहने पर भारीपन महसूस होता है
यह संकेत बताते हैं कि हर्निया अब बिगड़ रहा है और इसे हल्के में लेना सही नहीं है। इस स्टेज पर डॉक्टर आमतौर पर सर्जरी की सलाह देते हैं।

फंसा हुआ (Incarcerated) हर्निया क्या है?

जब हर्निया का उभार बाहर आने के बाद अंदर वापस नहीं जाता, तो इसे फंसा हुआ या Incarcerated Hernia कहा जाता है। यह स्थिति सामान्य हर्निया से कहीं ज्यादा गंभीर होती है।
इसमें:
  • सूजन लगातार बाहर बनी रहती है
  • हाथ से दबाने पर भी अंदर नहीं जाती
  • दर्द और जकड़न बढ़ जाती है
  • चलने, बैठने या खड़े होने में परेशानी होती है
इस स्टेज में बिना देरी किए डॉक्टर को दिखाना बहुत ज़रूरी होता है, क्योंकि आगे चलकर यह स्थिति और खतरनाक रूप ले सकती है।

Strangulated Hernia कितना खतरनाक है?

Strangulated Hernia हर्निया का सबसे गंभीर और जानलेवा स्टेज माना जाता है। इसमें हर्निया के अंदर फंसे अंग, जैसे आंत, तक खून की सप्लाई रुक जाती है।
इस स्थिति में मरीज को:
  • अचानक तेज़ और असहनीय दर्द होता है
  • सूजन का रंग बदलकर लाल, नीला या काला हो सकता है
  • उल्टी, बुखार या तेज़ कमजोरी महसूस होती है
  • गैस या पॉटी आना बंद हो सकता है
यह एक मेडिकल इमरजेंसी होती है। ऐसे मामलों में तुरंत ऑपरेशन न किया जाए, तो आंत खराब होने और जान को खतरा हो सकता है।

हर्निया का इलाज | Hernia Treatment in Hindi

हम आपको बतायेगे Hernia Treatment in Hindi आज कल हर बीमारी का इलाज संभव है वैसे हे हर्निया बीमारी का इलाज भी है जिसको 2 तरिके से किया जाता है

ओपन सर्जरी

यह सर्जरी का तरीका काफी पुराना है इस सर्जरी मे हम , जो मासपेशी बाहर आ जाती है उसे उसकी जगह पुनस्थापित कर देते है। इस सर्जरी के बाद मरीज को एक सप्ताह तक हस्पताल मे रहता है और मरीज की स्थिति सामान्य होने पर छुट्टी दी जाती है। इसमें मरीज को सामान्य होने मे बहुत अधिक समय लग जाता है।

लेप्रोस्कोपिक सर्जरी

लेप्रोस्कोपिक सर्जरी मे हम प्रभावित क्षेत्र के पास छोटे छोटे चीरे देते है और लेप्रोस्कोप की मदद से और अन्य उपकरणों की सहायता से प्रभावित मासपेशी को उसकी सही जगह पुनस्थापित कर देते है। इस प्रिक्रिया मे हम कार्बोनडाइऑक्सइड और लेप्रोस्कोप को पेभावित क्षेत्र मे भेजते है जिस से प्रभावित स्थान पूरी तरह से हमे दिखाई देता है और सर्जरी करने मे आसानी होती है। ये सर्जरी बहुत कम समय मे हो जाती है और मरीज 48 घंटे मे घर जा सकता है। यह सर्जरी सबसे जायदा कामयाब मानी जाती है।

अगर आप भी हर्निया से पीड़ित है तो स्टार हॉस्पिटल प्रदान कर रहा है हर्निया की सर्जरी। डॉ. जसमीत सिंह अहलुवालिआ जो की कई मरीज़ो का सफल इलाज कर चुके है जिसकी मदद से कई पीड़ितों ने हर्निया से निजात पाया है। यहाँ आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है और सफलतापूर्ण हर्निया का इलाज होता है ।

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