वजन घटाने के लिए डाइट चार्ट: 7 दिन का आसान इंडियन प्लान
मेरे पास वजन की परेशानी लेकर आने वाले ज्यादातर लोग एक ही बात कहते हैं: “डॉक्टर साहब, खाता तो मैं बहुत कम हूं, फिर भी वजन नहीं घटता।” जब बैठकर पूरे दिन का खाना पूछा जाता है, तो अक्सर पता चलता है कि सुबह की चाय के साथ बिस्किट, बीच में नमकीन, शाम को समोसा और रात को देर से भारी खाना, सब मिलकर कैलोरी बढ़ा रहे हैं।
वजन घटाने के लिए न भूखे रहने की जरूरत है, न कोई महंगी डाइट खरीदने की। घर की दाल-रोटी-सब्जी से भी काम चल जाता है, बस मात्रा और समय ठीक होने चाहिए। नीचे आपको वजन घटाने का पूरा diet chart in Hindi मिलेगा: पहले सुबह से रात तक का चार्ट, फिर 7 दिन का प्लान, और आखिर में यह भी कि अगर डाइट से बात न बने तो क्या करें।
एक बात पहले ही साफ कर दूं। यह चार्ट एक आम नमूना है। आपकी उम्र, वजन, काम और बीमारियों के हिसाब से इसमें बदलाव करना पड़ सकता है।
वजन घटाने के लिए ये पांच बातें याद रखें
हर खाने में दाल, दही, अंडा या पनीर जैसा कुछ प्रोटीन वाला रखें और साथ में सब्जी या सलाद। थाली का आधा हिस्सा सब्जी-सलाद से भरें। कोल्ड ड्रिंक, तले हुए और पैकेट वाले स्नैक्स कम करें। रोज़ कम से कम आधा घंटा चलें। और वजन धीरे घटाएं, हफ्ते में आधा से एक किलो काफी है।
सुबह से रात तक का डाइट चार्ट (Diet Chart in Hindi)
सुबह उठकर
1-2 गिलास पानी, हल्का गुनगुना हो तो और अच्छा
नाश्ता (8-9 बजे)
दलिया, ओट्स, सब्जियों वाला पोहा या उपमा, बेसन का चीला या अंडे। चाय-कॉफी लें तो चीनी बहुत कम
11 बजे के आसपास
एक फल (सेब, अमरूद, पपीता या संतरा) या एक गिलास छाछ
दोपहर का खाना
एक कटोरी दाल, 1-2 मल्टीग्रेन रोटी या एक छोटी कटोरी ब्राउन राइस, सब्जी और खूब सारा सलाद
शाम (4-5 बजे)
ग्रीन टी या चाय के साथ मुट्ठी भर भुना चना या मखाना, या एक कटोरी वेज सूप
रात का खाना (7-8 बजे)
हल्का रखें: एक रोटी, दाल और सब्जी, या सूप-सलाद, या पनीर/अंडे के साथ सब्जियां
सोने से पहले
रात में भूख लगे तो एक छोटा गिलास हल्दी वाला दूध या थोड़ा पपीता
7 दिन का डाइट प्लान
यह रहा एक हफ्ते का diet chart in Hindi, जिसमें रोज़ के नाश्ते, खाने और शाम के स्नैक्स का सीधा हिसाब है। जो दिन पसंद न आए, उसकी जगह किसी दूसरे दिन का खाना रख सकते हैं।
दिन 1
सब्जियों वाला दलिया, एक फल
1 रोटी, मूंग दाल, लौकी की सब्जी, सलाद
भुना चना, ग्रीन टी
वेज सूप और सलाद
दिन 2
बेसन के 2 चीले, पुदीना चटनी
1 कटोरी ब्राउन राइस, राजमा या चना, सलाद
मुट्ठी भर मखाना
1 रोटी, कम तेल का पालक पनीर
दिन 3
ओट्स दूध या दही के साथ, कटे फल
2 रोटी, अरहर दाल, भिंडी, सलाद
अमरूद या सेब
मिक्स वेज सूप, ग्रिल्ड पनीर टिक्का
दिन 4
सब्जियों वाला पोहा, छाछ
1 रोटी, मसूर दाल, तोरी या टिंडा, सलाद
भुना चना, नींबू पानी
दाल का सूप, सलाद
दिन 5
वेज उपमा, एक फल
1 कटोरी चावल, कम तेल की कढ़ी, सलाद
अंकुरित मूंग की चाट
1 रोटी, मिक्स वेज सब्जी
दिन 6
मूंग दाल के 2 चीले, दही
2 रोटी, छोले, खीरा-टमाटर का सलाद
फल या छाछ
पनीर भुर्जी (सब्जियों के साथ), सलाद
दिन 7
2-3 इडली, सांभर
1 रोटी, दाल, कोई भी सब्जी, सलाद
ग्रीन टी, मुट्ठी भर मेवे
हल्की खिचड़ी, दही
जो लोग नॉन-वेज खाते हैं, वे नाश्ते में दो उबले अंडे या ऑमलेट ले सकते हैं, और दोपहर या रात में उबला या ग्रिल किया हुआ चिकन या मछली। बस तेल कम रखें और बहुत मसालेदार या तला हुआ न बनाएं।
वजन कम करने के लिए क्या खाएं?
ऐसी चीजें चुनें जो पेट भी भरें और शरीर को पोषण भी दें, यानी प्रोटीन और फाइबर वाली।
दालें (मूंग, मसूर, अरहर), चना, राजमा, अंडा, दही और थोड़ा पनीर प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। अनाज में दलिया, ओट्स, मल्टीग्रेन आटे की रोटी और ब्राउन राइस लें। सब्जियों में पालक, लौकी, तोरी, गाजर, ब्रोकली, और ऊपर से खीरा-टमाटर का सलाद। फल साबुत खाएं, जूस की जगह। बीच की भूख के लिए भुना चना, मखाना या कुछ बादाम ठीक रहते हैं।
यहां एक बात बता दूं। शहद-नींबू पानी, या कोई एक चीज, जो चर्बी “गला” दे, ऐसा कुछ नहीं होता। वजन तभी घटता है जब दिनभर की कुल खुराक और आपकी गतिविधि का हिसाब ठीक बैठे।
क्या कम करें या छोड़ें?
सबकुछ छोड़ने की जरूरत नहीं है, पर इन चीजों को रोज़ की आदत न बनने दें: कोल्ड ड्रिंक और पैकेट वाले जूस, समोसा-पकौड़े और फास्ट फूड, मिठाइयां और केक, चिप्स-नमकीन, मैदे की चीजें (नूडल्स, बिस्किट, ब्रेड) और बहुत ज्यादा तेल-घी वाला खाना।
कभी-कभार शादी या त्योहार में मिठाई खा लेना कोई गुनाह नहीं है। दिक्कत तब होती है जब ये चीजें रोज़ का हिस्सा बन जाती हैं।
खाने की कुछ छोटी आदतें जो फर्क डालती हैं
खाना धीरे-धीरे खाएं। पेट भर गया है, यह दिमाग को समझने में थोड़ा वक्त लगता है, और जल्दी खाने वाले अक्सर ज्यादा खा लेते हैं। खाने के बाद 5-10 मिनट टहल लें, तुरंत लेटें नहीं। रात का खाना सोने से दो-तीन घंटे पहले कर लें। नींद पूरी लें, क्योंकि नींद कम होने पर भूख ज्यादा लगती है। और पानी पीते रहें, कई बार प्यास को हम भूख समझकर कुछ खा लेते हैं।
डाइट के साथ क्या करें?
अगर आप अभी कसरत नहीं करते, तो रोज़ 30 मिनट तेज चलने से शुरुआत करें। जब आराम से होने लगे, तो समय बढ़ाएं। साइकिल, तैराकी या योग भी अच्छे विकल्प हैं। हफ्ते में कुल मिलाकर करीब 150 मिनट की हल्की-मध्यम गतिविधि का लक्ष्य रखें।
तनाव का भी असर होता है। कई लोग तनाव में खाने लगते हैं। थोड़ा योग, गहरी सांसें और ठीक से सोना इसमें मदद करते हैं।
वजन घटाने में सहायक योगासन
योग अकेले वजन नहीं घटाता, लेकिन डाइट और पैदल चलने के साथ यह शरीर को सक्रिय रखने और तनाव कम करने में काम आता है। पीठ, घुटने या दिल की कोई समस्या हो तो शुरू करने से पहले डॉक्टर से पूछ लें।
सूर्य नमस्कार
इसमें 12 चरण होते हैं और पूरा शरीर चलता है। शुरू में 5 मिनट करें, फिर धीरे-धीरे 10-15 मिनट तक ले जाएं।
भुजंगासन
यह पीठ, छाती और कंधों को मजबूत करता है। गहरी सांस लेने से पीठ का खिंचाव भी खुलता है।
धनुरासन
इसमें पेट और पीठ की मांसपेशियां खिंचती हैं, जिससे कोर मजबूत होता है। अगर पेट की सर्जरी हुई है, हर्निया है या पीठ में दर्द रहता है, तो इसे डॉक्टर से पूछे बिना न करें।
Special Note :- अगर आपको भी ज्यादा वजन होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है तथा आप रोजना व्यायाम व् डाइटिंग करने के बाद भी असफल रहे है। यह आपकी सेहत के लिए बहुत ही हानिकारक हो सकता है। ऐसे में आप बरिएट्रिक सर्जरी (वजन कम करने वाली सर्जरी ) का सहारा ले सकते है। डॉ जसमीत अहलूवालिया एक स्पेशलिस्ट लप्रोस्कोपिक बरिएट्रिक सर्जन है। इस सर्जरी द्वारा वजन कम करना एक सबसे आसान तरीका है यह वजन कम करने की सर्जरी आपके लिए स्टार अस्पताल में उपलब्ध हैं |
डाइट के बाद भी वजन न घटे तो?
शुरुआत में कई लोगों का 2-4 किलो वजन आराम से घट जाता है। उसके बाद गाड़ी अटकने लगती है, और यहीं पर ज्यादातर लोग हार मान लेते हैं या और कठोर डाइट पर चले जाते हैं, जो ठीक नहीं है।
अगर आप कई महीनों से सही खा रहे हैं और चल-फिर भी रहे हैं, फिर भी वजन नहीं हिल रहा, या घटकर दोबारा बढ़ जाता है, तो एक बार जांच करवाना समझदारी है। थायराइड, PCOS या दवाओं का असर जैसी वजहें भी हो सकती हैं।
जिन लोगों का BMI बहुत ज्यादा है (आमतौर पर 35 से ऊपर, या उससे कम पर भी डायबिटीज, हाई बीपी, स्लीप एपनिया जैसी बीमारियां साथ हों), उनके लिए बेरियाट्रिक यानी वजन घटाने की सर्जरी एक विकल्प हो सकती है। यह हर किसी के लिए नहीं है। पहले जांच होती है, फिर तय होता है कि आपके लिए सही है या नहीं। और सर्जरी के बाद भी खान-पान का ध्यान रखना पड़ता है।
Frequently Asked Questions
वजन कम करने के लिए सुबह क्या खाना चाहिए?
ऐसा नाश्ता करें जिसमें प्रोटीन और फाइबर हो, ताकि दोपहर तक भूख न सताए। दलिया, ओट्स, अंडे, दही या सब्जियों वाला पोहा अच्छे विकल्प हैं।
वजन कम करने के लिए रात में क्या खाएं?
रात का खाना हल्का रखें। दाल, सब्जी, दही या पनीर के साथ एक-दो रोटी चल जाती है। मात्रा अपनी जरूरत के हिसाब से रखें और सोने से दो-तीन घंटे पहले खा लें।
वजन घटाने के लिए कौन से फल खाएं?
सेब, अमरूद, पपीता और संतरा अच्छे हैं। जूस के बजाय पूरा फल खाएं, उसमें फाइबर रहता है और पेट भी भरता है।
क्या चावल खाने से वजन बढ़ता है?
नहीं, चावल खाने से अपने आप वजन नहीं बढ़ता। सही मात्रा में चावल संतुलित खाने का हिस्सा हो सकता है। असली फर्क पूरे दिन की कुल खुराक से पड़ता है।
वजन कम करने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
संतुलित खाना, रोज़ की कसरत, पूरी नींद और ऐसी आदतें जिन्हें आप सालों निभा सकें। कुछ ही दिनों में तेजी से वजन घटाने वाली कठोर डाइट से बचें।
एक हफ्ते में कितना वजन घटाना ठीक है?
आमतौर पर हफ्ते में आधा से एक किलो। इससे तेज घटाने पर कमजोरी आ सकती है, मांसपेशियां घट सकती हैं और वजन दोबारा बढ़ने का खतरा रहता है।
क्या वजन घटाने के लिए खाना छोड़ देना चाहिए?
नहीं। भूखे रहने से कमजोरी आती है और बाद में ज्यादा खाने का मन करता है। समय पर और संतुलित खाना बेहतर है।
क्या रात में खाने से वजन बढ़ता है?
सिर्फ रात में खाने से नहीं। पूरे दिन आपने कितना खाया और कितना चले-फिरे, वह मायने रखता है। फिर भी रात को बहुत भारी खाकर तुरंत सो जाना अच्छी आदत नहीं है।
पेट की चर्बी कैसे घटाएं?
किसी एक जगह की चर्बी अलग से नहीं घटाई जा सकती। जब कुल वजन घटता है, तब पेट की चर्बी भी धीरे-धीरे कम होती है। इसके लिए सही खान-पान, रोज़ चलना और अच्छी नींद चाहिए।
डाइट के बावजूद वजन न घटे तो क्या करें?
डॉक्टर या डाइटिशियन से मिलें। थायराइड, PCOS, हार्मोन की गड़बड़ी या दवाओं का असर जैसी कोई वजह हो सकती है।
जरूरी सूचना: यह जानकारी आम जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं। डायबिटीज, थायराइड, दिल या किडनी की बीमारी हो या आप गर्भवती हों, तो कोई भी डाइट शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से पूछें।